श्रीमहंत नारायण गिरी जी Facebook

                                                                        श्रीमहंत नारायण गिरी जी

                           

                                             अन्तर्राष्ट्रीय मंत्री ,श्रीपंच दसनाम जूना अखाड़ा ,वाराणसी

ऐतिहासिक सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर के सोलहवें (वर्तमान) महंत ;श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज आदर्श ,सत्यप्रतिज्ञ ,धर्मज्ञाता ,निश्चल ,सहज ,सरल ,म्रदुभाषी संत हैं | वेदोक्त भारतीय सनातन संस्कृति के उन्नयन के प्रति समर्पित श्रीमहंत जनपद गाज़ियाबाद की सर्वाधिक चर्चित एवं आदरणीय धार्मिक विभूति हैं | खेलने की उम्र में संन्यास लेकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक की धर्म पदयात्रा करने वाले श्रीमहंत ने जनजीवन को बहुत नजदीक से देखा ,समझा और जाना है | ज्ञान के सागर में अनुभव के गोते लगाकर समाज के आचार-व्यवहार पर शोध करने वाले श्रीमहंत को व्यक्ति की गहरी परख है |

स्वभाव से सरल ,सहज,मृदुभाषी एवं सदैव मुस्कराते रहने वाले श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज की अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा अनुकरणीय एवं वन्दनीय है | श्रीमहंत महान कर्मयोगी है ,नि:स्वार्थ भाव से कर्म करते जाना और फल की चिन्ता न करना उनका स्वभाविक गुण है | मठ के उत्थान में दिन-रात लगे रहनेवाले श्रीमाहन जी की महनत व लगन के कारण ही किसी समय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच गये मठ को आज भव्यता प्राप्त हो सकी है | इसीलिये महाराजश्री को भक्त गण निर्माण पुरुष के नाम से भी बड़े गर्व से पुकारते हैं |

अपनी मौलिक सूझबुझ,सुरुचि एवं जन-जन की सेवा के भाव ने श्रीमहंत जी को श्री दूधेश्वर भक्तों के मध्य लोकप्रिय एवं श्रद्धा का कीर्तिस्तंभ बना दिया है | आपका जीवन वर्तमान व भावी पीढ़ी को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है |राजस्थान के एक छोटे से गाँव से निकलकर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर के पीठाधीश्वर व श्रीपंच दसनाम जूना अखाड़ा के अन्तर्राष्ट्रीय-मंत्री बनने तक की श्रीमहंत नारायण गिरी जी की जीवन यात्रा अनुकरणीय ,वन्दनीय है |

श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर के 16 वें पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी जी अनेक संस्थाओं के महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए जन-कल्याण के सेवा कार्यों में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं |