श्रीमहंत नारायण गिरी जी Facebook
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Seva Prakalp

श्रीमहंत रामगिरी औषधालय

साधनहीन मनुष्यों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा सुलभ कराने के उद्देश्य से श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज ने अपने गुरूजी की पावन स्मृति में ‘श्रीमहंत रामगिरी औषधालय ‘की स्थापना की | मंदिर परिसर में स्थापित इस औषधालय से एलोपैथिक ,आयुर्वेदिक,होमियोपैथिक, प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा नित्य प्रति बहुत लोग लाभान्वित हो रहे हैं |

सन्त निवास

अभ्यागत साधुओं के विश्राम के लिये मंदिर परिसर में गौशाला के पास बरामदे में रुकने की व्यवस्था पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरी जी ने बना रखी है | जिसमें तीन दिन तक कोई भी साधु-महात्मा आकर रुक सकता है | इससे अधिक रुकने के लिये श्रीमहंत जी अथवा कार्यालय से अनुमति आवश्यक है |

अन्नपूर्णा भंडारा

नित्य प्रति साधु-महात्माओं ,अभ्यागतों के लिये भंडार से प्रात:चाय-नाश्ता ,मध्यान्ह भोजन ,सांयकालीन चाय-नाश्ता व रात्रि भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क मंदिर समिति की ओर से की जाती है |

सिद्ध समाधि स्थल

श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में गर्भगृह के बराबर में ही मंदिर के सिद्ध –संतों की समाधियाँ स्थित हैं | इनमें से अनेक सिद्ध- संतों ने जीवित समाधि ली हुई है | इन समाधियों की नित्य पूजा-अर्चना करने से अनेकों चमत्कार होते रहते है | आज भी भगवान् दूधेश्वर को भोग लगाने के पश्चात बाबा इलायची गिरी जी की समाधि पर भोग लगाना अनिवार्य है |

गौशाला

श्री दूधेश्वर नाथ मठमंदिर के प्रथम ज्ञात श्रीमहंत वेणी गिरी जी महाराज के समय से ही एक दिव्य गौशाला स्थापित की गई थी | स्थापना के समय इस गौशाला में कैला गाँव की लम्बो नस्ल की उन गायों को रखा गया था ,जिनके थानों से टीले पर दूध गिरता था और जो भगवान् दूधेश्वर के कलियुग में प्राकट्य का प्रमुख कारण बनीं थी | उसी गौवंश की लम्बो गाय आज भी प्राचीन गौशाला में विद्यमान हैं |मठ-मंदिर के सभी सिद्ध-संत-महात्माओं द्वारा गौवंश की सेवा की साक्षी यह गौशाला आज अपने आधुनिक रूप में विराजमान है |